वैदिक ज्योतिष में रोहिणी नक्षत्र को नक्षत्रों का ‘सम्राट’ माना जाता है। यह चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र है और सौभाग्य, समृद्धि और रचनात्मकता का प्रतीक है। जब हम 2026 की बात करते हैं, तो कई लोग शुभ कार्यों, नामकरण, या ‘रोहिणी व्रत’ के लिए इसकी तिथियों की खोज करते हैं।
यदि आपके मन में भी सवाल है कि “when is rohini nakshatra in 2026”, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस लेख में हम साल 2026 के प्रत्येक महीने में रोहिणी नक्षत्र के आने के समय और इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
रोहिणी नक्षत्र का ज्योतिषीय महत्व (Significance)
रोहिणी आकाशमंडल का चौथा नक्षत्र है और यह पूरी तरह से वृषभ राशि (Taurus) में स्थित है। इसका स्वामी चंद्रमा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चंद्रमा की 27 पत्नियों में रोहिणी सबसे अधिक सुंदर और चंद्रमा की प्रिय थीं।
- देवता: ब्रह्मा (सृष्टि के रचयिता)
- प्रतीक: रथ या बैलगाड़ी (विकास और यात्रा का प्रतीक)
- प्रकृति: ध्रुव (स्थिर) – इस नक्षत्र में शुरू किए गए कार्य लंबे समय तक टिकते हैं।

2026 में रोहिणी नक्षत्र की तिथियां (Rohini Nakshatra Dates 2026)
पंचांग की गणना के अनुसार, चंद्रमा हर 27 दिनों में एक बार रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। नीचे वर्ष 2026 के लिए रोहिणी नक्षत्र की संभावित तिथियां दी गई हैं।
(नोट: सटीक समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट बदल सकता है, कृपया स्थानीय पंचांग भी देखें)
| महीना | रोहिणी नक्षत्र शुरू होने की तिथि | समाप्ति का समय |
| जनवरी 2026 | 26 जनवरी, सोमवार | 27 जनवरी |
| फरवरी 2026 | 22 फरवरी, रविवार | 23 फरवरी |
| मार्च 2026 | 21 मार्च, शनिवार | 22 मार्च |
| अप्रैल 2026 | 18 अप्रैल, शनिवार | 19 अप्रैल |
| मई 2026 | 15 मई, शुक्रवार | 16 मई |
| जून 2026 | 12 जून, शुक्रवार | 13 जून |
| जुलाई 2026 | 09 जुलाई, गुरुवार | 10 जुलाई |
| अगस्त 2026 | 05 अगस्त, बुधवार | 06 अगस्त |
| सितंबर 2026 | 02 सितंबर, बुधवार | 03 सितंबर |
| सितंबर 2026 | 29 सितंबर, मंगलवार | 30 सितंबर |
| अक्टूबर 2026 | 26 अक्टूबर, सोमवार | 27 अक्टूबर |
| नवंबर 2026 | 22 नवंबर, रविवार | 23 नवंबर |
| दिसंबर 2026 | 20 दिसंबर, रविवार | 21 दिसंबर |
रोहिणी नक्षत्र में किए जाने वाले शुभ कार्य (What to do?)
रोहिणी एक ‘स्थिर’ नक्षत्र है, इसलिए इसमें किए गए कार्य स्थायी लाभ देते हैं। 2026 में इन तिथियों का उपयोग आप निम्नलिखित कार्यों के लिए कर सकते हैं:
- नामकरण संस्कार: बच्चों के नामकरण के लिए यह सर्वोत्तम नक्षत्र है।
- विवाह: वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ाने के लिए इस नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना जाता है।
- व्यापार की शुरुआत: यदि आप 2026 में नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो रोहिणी नक्षत्र की तिथि चुनें।
- निर्माण कार्य: नया घर बनाना या नींव रखना (नींव पूजन)।
- खेती और वृक्षारोपण: बीज बोने के लिए यह सबसे उपजाऊ नक्षत्र माना गया है।
रोहिणी नक्षत्र 2026 के लाभ (Benefits)
2026 में रोहिणी नक्षत्र के दौरान चंद्रमा का प्रभाव बढ़ने से जातकों को कई लाभ मिलते हैं:
- मानसिक शांति: चंद्रमा अपनी उच्च राशि (वृषभ) और प्रिय नक्षत्र में होता है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है।
- आकर्षण में वृद्धि: इस समय के दौरान व्यक्तित्व में एक नया निखार आता है।
- आर्थिक लाभ: शुक्र और चंद्रमा की युति के कारण धन आगमन के नए स्रोत खुलते हैं।
- सृजनात्मक ऊर्जा: यदि आप कलाकार या लेखक हैं, तो 2026 की ये तिथियां आपके लिए प्रेरणादायक रहेंगी।
- रिश्तों में मधुरता: परिवार और जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होते हैं।
रोहिणी व्रत 2026 (Rohini Vrat Importance)
जैन धर्म और कई हिंदू समुदायों में ‘रोहिणी व्रत’ का विशेष पालन किया जाता है। महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और घर की समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। साल 2026 में जब-जब रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय के समय उपस्थित होगा, उस दिन रोहिणी व्रत रखा जाएगा।
व्रत के नियम:
- सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें।
- भगवान विष्णु या वासुपूज्य स्वामी (जैन धर्मानुसार) की पूजा करें।
- नक्षत्र के अंत तक अन्न ग्रहण न करें।
- व्रत के पारण के समय सात्विक भोजन ही लें।
2026 में रोहिणी नक्षत्र के जातकों का भविष्य (Horoscope 2026)
जिन लोगों का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ है, उनके लिए 2026 का वर्ष मिलाजुला रहेगा। वर्ष के मध्य में गुरु (Jupiter) का गोचर आपके लिए भाग्य के द्वार खोलेगा। हालांकि, शनि की स्थिति के कारण आपको अपने कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।
- करियर: रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी।
- स्वास्थ्य: साल के अंत में कफ और ठंडी से जुड़ी समस्याओं से बचें।
- सावधानी: अपनी भावुकता में आकर कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय न लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. 2026 में रोहिणी नक्षत्र का सबसे शुभ मुहूर्त कौन सा है?
मई और सितंबर 2026 में आने वाले रोहिणी नक्षत्र विशेष रूप से शुभ हैं क्योंकि उस समय अन्य ग्रहों की स्थिति भी अनुकूल रहेगी।
2. क्या 2026 में रोहिणी नक्षत्र में गृह प्रवेश किया जा सकता है?
जी हाँ, रोहिणी एक स्थिर नक्षत्र है, इसलिए गृह प्रवेश के लिए यह 2026 की सबसे अच्छी तिथियों में से एक है।
3. 2026 में रोहिणी व्रत कितनी बार आएगा?
चंद्रमा के गोचर के अनुसार, 2026 में रोहिणी नक्षत्र 13 बार आएगा, इसलिए लगभग 12-13 रोहिणी व्रत रखे जाएंगे।
निष्कर्ष (Conclusion)
उम्मीद है कि आपको “when is rohini nakshatra in 2026” से जुड़ी पूरी जानकारी मिल गई होगी। 2026 का साल आपके लिए खुशियां और प्रगति लेकर आए, इसके लिए आप रोहिणी नक्षत्र की इन तिथियों का सही उपयोग कर सकते हैं। चंद्रमा की शीतलता और ब्रह्मा के आशीर्वाद के साथ यह नक्षत्र आपके जीवन में सकारात्मकता भर देगा।




Leave A Comment